अम्बेडकरनगर । जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कलेक्टर सभागार में मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला व अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योत्स्ना बंधु की उपस्थिति में एलपीजी की समस्या/अफवाहों के संबंध में जनपद के समस्त उप जिलाधिकारियों ,क्षेत्राधिकारी पुलिस, जिला पूर्ति अधिकारी, समस्त पूर्ति निरीक्षकों, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों यथा– बीपीसीएल, एचपीसीएल एवं आइओसीएल के प्रतिनिधियों, जनपद के समस्त एलपीजी वितरकों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक की।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जनपद में एलपीजी समस्या से संबंधित उपभोक्ताओं के समस्याओं के स्थाई समाधान के दृष्टिगत संपूर्ण जनपद में होम डिलीवरी सिस्टम को लागू किए जाने के निर्देश दिए और सभी एलपीजी वितरकों को होम डिलीवरी सिस्टम का अनुपालन सुनिश्चित किए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी एलपीजी वितरकों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर का सीधे उनके घर पर डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। इसी के साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया की बुकिंग के उपरांत गैस एजेंसियों पर आने वाले उपभोक्ताओं को तत्काल टोकन उपलब्ध कराया जाए, टोकन में गैस सिलेंडर के उनके घर पर डिलीवरी किए जाने के समय सीमा अंकित हो।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी एलपीजी वितरकों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी गैस एजेंसी पर भीड़ न लगे, कोई भी उपभोक्ता एजेंसी पर है उसे होम डिलीवरी की स्पष्ट जानकारी दें। किसी भी प्रकार की समस्या अथवा सुविधा हेतु संबंधित उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकार पुलिस या पूर्ति निरीक्षक से संपर्क कर सुगमता के साथ उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी सिस्टम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को एलपीजी से संबंधित उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल रूम का संचालन किए जाने के निर्देश दिए, इसके लिए आपूर्ति विभाग के कार्मिकों की प्रतिदिन दो शिफ्ट (प्रत्येक 8 घंटे) में ड्यूटी लगाए जाने और उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित गैस एजेंसियों का नियमित भौतिक निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि जनपद में गैस की कमी नहीं है इसका प्रभावी ढंग से वितरण होम डिलीवरी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर गैस की होल्डिंग या ओवररेटिंग की शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए। यदि ऐसी शिकायत पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





